World Food Safety Day 2021: खाद्य सुरक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इसका इतिहास और महत्व

World Food Safety Day 2021: नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका SimpleJb.in साईट में.आज इस लेख में हम World Food Safety Day 2021: खाद्य सुरक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इसका इतिहास और महत्व के बारेमे डिटेल में जानने वाले है.

हर व्यक्ति को भोजन मिले, कोई भूखा न रहे…इसी उद्देश्य को सुनिश्चित करने के लिए दुनियाभर के देशों की सरकारें प्रतिबद्धता का दावा करती हैं और इसी उद्देश्य को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन(FAO) ने हर साल सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) मनाने का निर्णय लिया.

कुछ साल पहले यानी 2019 में शुरू हुए इस खास दिवस की प्रासंगिकता इन दिनों बढ़ गई है. कारण कि विश्व की एक बड़ी आबादी कोरोना संकट से प्रभावित है और संकट के इस दौर में बहुत सारे लोग दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.

क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day 2021)

7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day) मनाया जा रहा है। इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nation) द्वारा दिसंबर 2018 में खाद्य और कृषि संगठन के सहयोग से अपनाया गया था। इसके बाद पहली बार साल 2019 में वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनाया गया था। इस हिसाब से दुनिया 7 जून 2020 को दूसरी बार ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ मनाएगी। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सुरक्षित फूड स्टैण्डर्ड को बनाए रखने के लिए जागरूकता पैदा करना और फूड रिलेटेड बीमारियों के कारण होने वाली मौतों को कम करना है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जीवन को बनाए रखने और अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन जरूरी है।

डब्ल्यूएचओ के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में लगभग 10 में से 1 लोग दूषित भोजन खाने के बाद बीमार पड़ जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुपोषित लोगों की संख्या 19.07 करोड़ है। यह आंकड़ा दुनिया में सर्वाधिक है। देश में 15 से 49 वर्ष की 51.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी है। पांच वर्ष से कम उम्र के 38.4 फीसदी बच्चे अपनी आयु के मुताबिक कम लंबाई के हैं। इक्कीस फीसदी का वजन अत्यधिक कम है। भोजन की कमी से हुई बीमारियों से देश में सालाना तीन हजार बच्चे दम तोड़ देते हैं। जो कि यह एक बड़ा खतरा है।

खाद्य सुरक्षा क्या है? (What is Food Safety?)

क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे (World Food Safety Day 2021)

हम हर दिन बहुत सारे खाद्य पदार्थ का सेवन करते हैं। खाद्य सुरक्षा यह सुनिश्चित करता है कि उपभोग यानी खाए जाने से पहले उत्पादन से लेकर फसल, प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण, तैयारी तक खाद्य श्रृंखला का प्रत्येक चरण पूर्णत: सुरक्षित हो। इसी के प्रति जागरूकता के लिए खाद्य सुरक्षा दिवस का औचित्य और महत्व बढ़ जाता है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, दूषित खाद्य या बैक्टीरिया युक्त खाद्य से हर साल 10 में से एक व्यक्ति बीमार होता है। दुनियाभर की आबादी के मुताबिक देखा जाए तो यह आंकड़ा 60 करोड़ पार कर जाता है। दुनियाभर में विकसित और विकासशील देशों में हर साल भोजन और जलजनित बीमारी से अनुमानत: 30 लाख लोगों की मौत हो जाती है।

कैसे मनाया जायेगा वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे 2021 –

कोरोना महामारी के चले इस बार वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे वर्चूयली मनाया जायेगा. इसके तहत लोगों को स्वास्थय से जुड़े मुद्दों पर ऑनलाइन एक दूसरे के साथ चर्चा करने का मौका मिलेगा. इस पूरी चर्चा के दौरान लोग ऑनलाइन एक दूसरे के साथ अपने विचार साझा करेंगे. साथ ही इस दौरान आप एक दूसरे के साथ अपनी प्रेरक कहानियों को भी साझा करते हूए उनके प्रेरणा ले सकते हैं.

लेकिन कही सारे शहर आज भी खुले है, जिनमे लोग एक दुसरे को खाना खिलाकर इस दिन को मना रहे है.

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम- World Food Safety Day Theme 2021

इस वर्ष चुना गया विषय ‘स्वस्थ कल के लिए सुरक्षित भोजन आज’ है, ताकि सही प्रकार के भोजन के सेवन को प्रोत्साहित किया जा सके जिससे मनुष्य और हमारे पर्यावरण दोनों को लाभ हो।

साल 2019 में ‘वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे’ की थीम ‘खाद्य सुरक्षा, सभी का व्यवसाय’ थी। संयुक्त राष्ट्र ने इस साल के लिए कोई थीम जारी नहीं की है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार की थीम भी “Food safety, everyone’s business” ही रहेगी।

कोरोना वायरस जैसी महामारी के संक्रमण को देखते हुए इस बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2020 वर्चुअली मनाया जाएगा। जिसमें लोगों को सेहत से जुड़े मुद्दों पर ऑनलाइन एक-दूसरे के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा। साथ ही लोग इस दौरान अपने काम का प्रदर्शन करते हुए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा दे सकते हैं। इतना ही नहीं लोग इस मौके पर एक दूसरे के विचारों से प्रेरणा लेते हुए कई चीजें सीखते हुए अपनी कहानियों को भी साझा करते हैं.

फ़ूड सेफ्टी के साथ साथ फूड सिक्योरिटी एक राष्ट्रीय उद्देश्य

पूरे इतिहास में खाद्य सुरक्षा हमेशा से एक चिन्ता का विषय रहा है। साल 1974 में विश्व खाद्य सम्मेलन में ‘खाद्य सुरक्षा’ की परिभाषा दी गयी जिसमें खाद्य आपूर्ति पर बल दिया गया। स्वतंत्रता के बाद से आज तक सभी के लिए खाद्य सुरक्षा एक राष्ट्रीय उद्देश्य बन चुकी है। जहां पहले खाद्य सुरक्षा से तात्पर्य पेट भर रोटी उपलब्ध होने से था वहीं आज खाद्य सुरक्षा से आशय भौतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थितियों की पहुंच के अलावा संतुलित आहार, साफ पीने का पानी, स्वच्छ वातावरण और प्राथमिक स्वास्थ्य रखरखाव तक जा पहुंचा है।  

भारत में फिलहाल वैश्विक उत्पादन की दृष्टि से लगभग 12 प्रतिशत गेहूं, 21 प्रतिशत चावल, 25 प्रतिशत दलहन, 10 प्रतिशत फल, 22 प्रतिशत गन्ना और 16 प्रतिशत दूध उत्पादित हो रहा है। यह सब मात्र 2.3 प्रतिशत भूमि, 4.2 प्रतिशत पानी और 11 प्रतिशत से थोड़ा अधिक कृषि भूमि से प्राप्त किया जा रहा है। इस कृषि भूमि में मात्र 50 प्रतिशत में सिंचाई सुविधा है। इन संसाधनों से विश्व की 18 प्रतिशत जनसंख्या का भरण-पोषण हो रहा है। भारत आज जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनमें से खाद्य सुरक्षा की चुनौती सबसे प्रमुख चुनौतियों में से एक है।

बिना खाये सड़ जाता है आधा अनाज

दुनिया में पैदा किए जाने वाले खाद्य पदार्थ में से करीब आधा हर साल बिना खाए सड़ जाता है। इंडियन इन्सटिट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल 23 करोड़ टन दाल, 12 करोड़ टन फल एवं 21 टन सब्जियां वितरण प्रणाली में खामियों के चलते खराब हो जाती हैं। साथ ही उत्सव, समारोह, शादी−ब्याह आदि में बड़ी मात्रा में पका हुआ खाना ज्यादा बनाकर बर्बाद कर दिया जाता है।

भारत में खाद्य सुरक्षा

राज्यों द्वारा सुरक्षित खाद्य उपलब्ध कराए जाने के प्रयासों के संदर्भ में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने राज्य खाद्य सुरक्षा इंडेक्स (SFSI) विकसित किया है। एफएसएसएआई (FSSAI) ने खाद्य कंपनियों और व्यक्तियों के योगदान को पहचान देने के लिए ‘ईट राइट एवार्ड’ की शुरुआत की, ताकि इसके जरिए नागरिकों को सुरक्षित और स्वास्थ्य खाद्य विकल्प चुनने के लिए सशक्त बनाया जा सके।

खाद्य सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र के दिशा निर्देश –

  • सरकारों को सभी के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित कराना चाहिए।
  • कृषि और खाद्य उत्पादन में अच्छी प्रथाओं और चलन को अपनाया जाए।
  • व्यापारी यह सुनिश्चित करें कि खाद्य पदार्थ सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण हों।
  • लोगों को सुरक्षित, स्वस्थ और पौष्टिक भोजन प्राप्त करने का अधिकार है।
  • इस बारे में आम उपभोक्ताओं को भी उचित जानकारी दी जानी चाहिए।

Conclusion:-

हमने आपको उपर World Food Safety Day 2021: खाद्य सुरक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है? जानें इसका इतिहास और महत्व के बारेमे बताया है. उम्मीद है की आपको हमारा यह लेख जरुर अच्छा लगा होंगा.

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