Ramadan 2021: रमजान क्यों मनाया जाता है [Ramadan Mubarak Wishes 2021]

Ramadan 2021: हेल्लो दोस्तों स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग में. आज हम इस लेख में Ramadan के बारेमे जानने ज्या रहे है. आखिर रमजान क्यों मनाया जाता है और Ramadan Mubarak Wishes को हम इस पोस्ट में जानेंगे.

आप किसी भी मुस्लिम समुदाय लोग से रमजान क्यों मनाई ज्याति है? ये सवाल करोगे तो आपको जवाब मिल ज्याता है, मगर किसी और समुदाय वाले लोग रमजान ईद के बारेमे नही पता कर पाते है. लेकिन हम सभी एक भारतीय होने के कारण सभी को रमजान के बारेमे पता होना बहुत ज्यादा जरुरी है.

रमजान क्या है?

Ramadan-Mubarak

रमज़ान या रमदान (उर्दू – अरबी – फ़ारसी : رمضان) इस्लामी कैलेण्डर का नवां महीना होता है. मुस्लिम समुदाय इस महीने को परम पवित्र मानते हैं . रमजान शब्द अरब से निकला है. अर्थात यह एक अरबिक शब्द है जिसका अर्थ है कि “चिलचिलाती गर्मी तथा सूखापन”.

मान्यता है कि रमजान के अवसर पर दिल से अल्लाह कि बंदगी करने वाले हर शख्स की ख्वाहिशें पूरी होती है, रमजान के मौके पर मुस्लिम समुदायों द्वारा पूरे महीने रोजे रखे जाते हैं! रोजे रखने का अर्थ वास्तव में ” सच्चे दिल से ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना होता है.

रमजान का इतिहास

इसका जिक्र कुरआन में आया है। कहा जाता है कि इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक सन दो हिजरी में अल्लाह के हुक्म से मुसलमानों पर रोजे फर्ज किये गए थे। इसी महीने में कुरआन नाजिल (प्रकट) हुआ था। कहा जाता है कि रमजान के आखिरी हिस्से में 21, 23, 25, 27 और 29 में से कोई एक रात लैलतुल कद्र होती है।

इस पाक महीने को शब-ए-कदर कहा जाता हैं. मान्यता यह हैं कि इसी दिन अल्लाह ने अपने बन्दों को “कुरान शरीफ” से नवाज़ा था. इसलिए इस महीने को पवित्र माना जाता हैं और अल्लाह के लिए रोज़ा अदा किया जाता है, जिसे मुस्लिम परिवार का छोटे से बड़ा सदस्य पूरी शिद्दत से निभाता हैं.

रमजान के 3 अशरे और उनका महत्व

1. रमजान का पहला अशरा

रमजान महीने के पहले 10 दिन रहमत के होते हैं. रोजा नमाज करने वालों पर अल्लाह की रहमत होती है.रमजान के पहले अशरे में मुसलमानों को ज्यादा से ज्यादा दान कर के गरीबों की मदद करनी चाहिए. हर एक इंसान से प्यार और नम्रता का व्यवहार करना चाहिए.

2. रमजान का दूसरा अशरा

रमजान के 11वें रोजे से 20वें रोजे तक दूसरा अशरा चलता है. यह अशरा माफी का होता है. इस अशरे में लोग इबादत कर के अपने गुनाहों से माफी पा सकते हैं. इस्लामिक मान्यता के मुताबिक, अगर कोई इंसान रमजान के दूसरे अशरे में अपने गुनाहों (पापों) से माफी मांगता है, तो दूसरे दिनों के मुकाबले इस समय अल्लाह अपने बंदों को जल्दी माफ करता है.

3. रमजान का तीसरा अशरा

रमजान का तीसरा और आखिरी अशरा 21वें रोजे से शुरू होकर चांद के हिसाब से 29वें या 30वें रोजे तक चलता है. ये अशरा सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. तीसरे अशरे का उद्देश्य जहन्नम (Hell) की आग से खुद को सुरक्षित रखना है. इस दौरान हर मुसलमान को जहन्नम से बचने के लिए अल्लाह से दुआ करनी चाहिए. रमजान के आखिरी अशरे में कई मुस्लिम मर्द और औरतें एहतकाफ में बैठते हैं. बता दें, एहतकाफ में मुस्लिम पुरुष मस्जिद के कोने में  10 दिनों तक एक जगह बैठकर अल्लाह की इबादत करती है.

रोज़ा कैसे रखा जाता है?

रोज़ा इस्लाम के फाइव पिलर में से एक है. जो सभी बालिग़ पर वाजिब है. यानी उन्हें पूरे महीने के रोज़े रखने ही रखने हैं. फाइव पिलर हैं. कलमा (अल्लाह को एक मानना), नमाज़, ज़कात (दान), रोज़ा और हज (मक्का में काबा).

जो बीमार हैं. जो यात्रा पर हैं. जो औरतें प्रेग्नेंट हैं. जो बच्चे हैं. बस उन्हें ही रोज़ा रखने से छूट दी गई है. रोज़ा रखने वाले तड़के में सूरज के निकलने से पहले जो भी खाना पीना है, वो कर सकते हैं. इसके बाद पूरे दिन न तो कुछ खाना है और न पीना है. पीना मतलब सिगरेट, बीड़ी का धुआं भी नहीं. न ही बीवी शौहर से और न शौहर बीवी से सेक्स के बारे में सोच सकता है. खाने पीने के बारे में ये समझिए कि अगर रोज़ा है तो मुंह का थूक भी अंदर नहीं निगल सकते. यानी संतरे देखकर मुंह में पानी आया तो वो भी निषेध है.

ये वो महीना है जब मुस्लिम किसी से जलने. किसी की चुगली करने, गुस्सा करने से परहेज़ करते हैं. पूरी तरह से खुद को संयम में रखने का महीना है. तभी रोज़ा पूरा होता है.

शाम को सूरज छिपता है. खाने पकाने के इंतजाम सवेरे से ही होने लगते हैं. चाट-पकौड़ियां. तरह तरह के लज़ीज़ खाने. शाम को अगर दस्तरख्वान देखा जाए तो दिल ललचा जाए. तड़के में जब खाते हैं तो उसे ‘सहरी’ और जब शाम को खाया जाता है तो उसे ‘इफ्तार’ कहा जाता है. यानी ये पूरा महीने का उत्सव भी है.

सभी को हमारी तरफ से रमजान मुबारक

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Ramadan Mubarak wishes in Hindi

  • फूलों को बहार मुबारक, किसानों को खलियान मुबारक, परिंदों की उड़ान मुबारक, चांद को सितारे मुबारक, आपको रमजान मुबारक
  • रमजान का चांद दिखा, रोजे की दुआ मांगी, रोशन सितारा दिखा, आपकी खैरियत की दुआ मांगी, आप सभी को रमजान मुबारक
  • वह चांद का चमकना, वह मस्जिदों का सवरना, वह मुसलमानों की धूम, रमादान इस कमिंग सून
  • यहीं कामना है कि यह रमजान स्वास्थ, धन और शांति लाए। अल्लाह आपकी रक्षा और मार्गदर्शन करें। रमजान मुबारक
  • रमजान के महीने में सबकी खुशियाँ पूरी हो, सबको मिले ढ़ेरों खुशियाँ, कोई ख्वाहिश न अधूरी हो.
  • फूलों और कलियों को बहार मुबारक, परिंदों को ऊँची उड़ान मुबारक, आशिकों को उनका प्यार मुबारक आपको हमारी तरफ से रमजान मुबारक.

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Conclusion

हमने आपको इस पोस्ट में Ramadan 2021: रमजान क्यों मनाया जाता है [Ramadan Mubarak Wishes 2021] के बारेमे बताया है. उम्मीद है आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी होगी.

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